भारतीय थल सेना में 2 महिला अधिकारी को Combat Pilots के रूप में चयनित किया गया ।

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भारतीय सेना में गुंजन सक्सेना की भांति ही अब भारतीय थल सेना में 2 महिला अधिकारी को कॉम्बैट पायलट के रूप में चुना गया है। यह दोनों महिलाएं भारतीय आर्मी में पहले से ही कार्य कर रही हैं। चयनित हुई दो महिला अधिकारी को पहली बार हेलीकॉप्टर उड़ाने का मौका दिया गया है। भारतीय आर्मी एविएशन कोर के द्वारा पहली बार 2 महिला अधिकारी को नासिक में स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में पायलट के प्रशिक्षण के रूप में चुना गया है। भारतीय आर्मी की ओर से बुधवार को यह बताया गया है कि अभी तक भारतीय सेना में केवल महिला अधिकारियों को ग्राउंड ड्यूटी पर ही कार्य करने का अवसर दिया जाता था। आइए जाने की कब हमारे भारतीय थल सेना को कॉम्बैट पायलट के रूप में दो महिला अधिकारी आते होंगे।

भारतीय थल सेना में 2 महिला अधिकारी को Combat Pilots का प्रशिक्षण

भारतीय थल सेना में Combat Pilots पायलट के रूप में शामिल हुई दो महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। इस कॉम्बैट पायलट मैं अपना नामांकन करवाने के लिए भारतीय थल सेना की 15 महिला अधिकारियों ने अपनी इच्छा से आवेदन किया था। लेकिन बेहद कड़ी चयन प्रक्रिया के पश्चात केवल 2 महिला अधिकारियों को ही इस प्रशिक्षण के लिए चुना जा सका। प्रशिक्षण की अवधि 1 वर्ष की है जो आर्मी एविएशन के ट्रेनिंग स्कूल में पूरी करवाई जाएगी। कॉम्बैट पायलट की चयन प्रक्रिया में महिला उम्मीदवारों को पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट और मेडिकल टेस्ट में शामिल होना आवश्यक था। जुलाई 2022 में पूरी होने वाली इस ट्रेनिंग में कुल 47 अफसर शामिल है। जिनमें 2 महिला ऑफिसर भी उपस्थित हैं।

आपको बताते चलें कि आर्मी में एविएशन विंग में तैनात होने वाले अफसरों को हेलीकॉप्टर उड़ाने का मौका दिया जाएगा। अभी तक भारतीय थल सेना में एविएशन विंग में तैनात महिलाओं को केवल एयर ट्रेफिक कंट्रोलर अथवा ग्राउंड ड्यूटी पर ही कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाता था। भारतीय आर्मी के चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे महिला अधिकारियों को आर्मी एविएशन की शाखा में चयन करने की अनुमति देने के प्रस्ताव की मंजूरी दी है। इस मंजूरी से पहले भारतीय सरकार ने फरवरी 2021 में सासद में इस प्रस्ताव को रखा था और बताया था कि वर्तमान समय में भारतीय थल सेना, सेना और वायु सेना में कुल 9118 महिलाएं कार्य कर रही हैं।

भारतीय सेना में महिलाओ को पुरुषों के बराबरी का मौका

लगभग सभी क्षेत्रों में आज महिलाओं को पुरुषों की बराबरी का मौका दिया जा रहा है। सन 1986 में जब भारतीय एविएशन कोर की स्थापना की गई थी तब एविएशन कोर में उन्नत प्रकार के हल्के हेलीकाप्टर जैसे ध्रुव, चेतक, और शीतल हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए जाते थे। किंतु पिछले 6 वर्षो के दौरान भारतीय सेना में महिलाओं की संख्या में लगभग 3 गुना से भी अधिक वृद्धि हुई है। महाराष्ट्र के सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोल और पूर्व लेफ्टिनेंट कमांडर राजेश्वरी कोरी ने कहा है कि ” सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए नए रास्ते खुलते देखना वाकई अद्भुत है। ” आपको बताते चलें कि पूर्व लेफ्टिनेंट कमांडर राजेश्वरी कोरी 1997 में युद्ध पोतों पर महिलाओं की तैनाती करने के लिए एक शॉर्ट टर्म इंडियन नेवी एक्सपेरिमेंट में हिस्सा लिया हुआ था।

Frequently asked Questions

1- भारतीय थल सेना में अभी तक महिलाओं को किन कार्यों के लिए नियुक्त किया जाता था?

उत्तर:- थल सेना में अभी तक महिलाओं को ग्राउंड ड्यूटी तथा ट्रैफिक कंट्रोल को नियंत्रित करने जैसे कार्यों के लिए ही नियुक्त किया जाता था।

2- वर्तमान समय में तीनों विभागों में कुल कितनी महिला अधिकारी कार्य कर रही हैं?

उत्तर:- वर्तमान समय में तीनों विभागों में कुल 9118 महिला अधिकारी कार्य कर रही हैं।

3- पूर्व लेफ्टिनेंट कमांडर राजेश्वरी कोरी कौन है?

उत्तर:- पूर्व लेफ्टिनेंट कमांडर राजेश्वरी कोरी 1997 में युद्ध पोतों पर महिलाओं की तैनाती करने के लिए एक शॉर्ट टर्म इंडियन नेवी एक्सपेरिमेंट में हिस्सा लिया हुआ था।

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